View More

बक्सर : दो सालों बाद 24 नवंबर से शुरू होगी पंचकोस परिक्रमा, 28 नवंबर को लगेगा पंचकोस मेला

Posted By : bhojbhoomi ,          307 0 Comments
image
पंचकोस मेला का विहंगम दृश्य (फोटो-साभार गूगल)

भोज भूमि : बक्सर। हमारे प्रतिनिधि
कोरोना के चलते दो सालों तक बंद रहा बक्सर का विश्व प्रसिद्ध पंचकोस मेला इस बार 28 नवंबर को आयोजित होगा। हालांकि पंचकोसी परिक्रमा यात्रा उत्तरायण गंगा स्थित रामरेखाघाट पर जलभरी के साथ 24 नवंबर से ही शुरू हो जाएगी। इसकी सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस आशय की जानकारी पंचकोसी परिक्रमा समिति के सचिव व प्रख्यात रामकथा वाचक डाॅ रामनाथ ओझा ने दी।

image
पहले पड़ाव अहिरौली में जुटे लोग (पुरानी तस्वीर)

        बता दें कि कोरोना के चलते बीते दो सालों से पंचकोसी परिक्रमा यात्रा बंद थी। लेकिन, इस बार इसका आयोजन होगा। पंचकोसी परिक्रमा समिति के सचिव डाॅ रामनाथ ओझा ने बताया कि इस साल 24 नवंबर को साधु-संतों की मौजूदगी में बक्सर के रामरेखाघाट पर जलभरी के साथ ही पंचकोसी परिक्रमा यात्रा शुरू हो जाएगी। इस रोज यात्रा का पहला पड़ाव होगा माता अहिल्या का आश्रम अहिरौली।

image
डॉ रामनाथ ओझा

        अहिरौली में माता अहिल्या के दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु अगले दिन, 25 नवंबर को ब्रह्मर्षि नारद के आश्रम नदांव पहुंचेंगे। 26 नवंबर को यात्रा का तीसरा पड़ाव होगा भार्गव ऋषि का आश्रम भभुअर और 27 नवंबर को श्रद्धालुओं का जत्था चौथे पड़ाव उद्वालक ऋषि के आश्रम बड़का नुआंव पहुंचेगा। 28 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा यात्रा का पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बक्सर के चरित्रवन में होगा, जहां दूर-दराज से आए लाखों लोग लिट्टी-चोखा का प्रसाद बनाएंगे और सामूहिक रूप से ग्रहण करेंगे।
        इस पड़ाव के बाद यात्रा समाप्त हो जाएगी। डाॅ ओझा ने बताया कि अगले रोज, 29 नवंबर को बक्सर के स्टेशन रोड स्थित बसांव मठ परिसर में साधु-संतों को प्रसाद व अंगवस्त्र देकर विदा किया जाएगा। हालांकि डाॅ ओझा ने यह भी कहा कि पंचकोसी परिक्रमा यात्रा के दौरान सभी लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी हर एहतियात बरतना जरूरी होगा।